तीन मछलियों की कहानी पंचतंत्र की कहानियाँ Three fish story

तीन मछलियों की कहानी : three fish story in hindi

Three fish story : एक बार एक तालाब में तीन मछलियां रहती थी। उनका नाम अंगतविधाता, प्रत्युतपनामति और यदभविष्य था। तीनों अपने परिवार के साथ प्रेमपूर्वक रहती थी। एक बार तीनों मछलियां तालाब की सतह पर तैर रही थी तभी वहाँ पर कुछ मछुआरे बाते करते हुए आए।

एक मछुआरे ने कहा, अरे! देखो यह तालाब तो मछलियों से भरा हुआ है। हमने कभी यह शिकार नहीं किया। उन तीनों मछलियों ने उन मछुआरे की बाते सुन ली और खतरे को भाँपते हुए एक सभा बुलाई। यदभविष्य मछली ने सभा को संबोधित कराते हुए कहा हमे इस तरह दुश्मनों के हाथों जान नहीं गवानी चाहिए और अगर जान गवानी है तो तुरंत यह तालाब छोड़ना होगा। परंतु एक मछली ने कहा, यह तालाब हमारे पूर्वजो का है आज तक हमे यहा कोई खतरा महसूस नहीं हुआ, इसलिए हम इस तालाब को छोड़कर नहीं जाएँगे। बाकि दोनों मछलियां उस मछली और उसके परिवार को छोड़ कर किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर चली गई। सुबह होते ही मछुआरे वहाँ पहुँच गए और तालाब में जाल डाल दिया। बड़ी-चोटी मछलियां जाल में फसनें लगी। देखते ही देखते जाल भर गया। मछुआरे सारी मछलियां लेकर चले गए।

शिक्षा- मुश्किल समय में सही निर्णय लेना बेहद जरूरी है।

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