नीला रंगा सियार Neela Ranga Siyar पंचतंत्र की कहानियाँ इन hindi

नीला रंगा सियार : Panchtantra ki kahaniya in hindi

Neela Ranga Siyar Panchtantra Story in hindi : एक बार जंगल में सियार रहता था। एक बार वह शिकार को ढुढ़ते – ढुढ़ते एक गाँव मे पहुँच गया। जैसे ही वहाँ के कुत्तो ने उसे देखा तो अजनबी समझ कर घेर लिया और भौंकने लगे, इतना ही नहीं वे अपने तीखे दाँतो से वार कर के घायल करने लगे, जैसे-तैसे उसने अपने आपको छुड़ाया और वहाँ से भाग कर एक बड़े बर्तन में छुप गया।

वो धोबी का घर था और उस बर्तन में नीला रंग भरा था वो परेशान सा बाहर निकला, तब तक कुत्ते भी वहाँ पहुँच गए। लेकिन ये क्या सब उससे डर कर भागने लगे। तो सियार ने सोचा ऐसा मुझमे क्या बदलाव आ गया कि ये सब मुझसे डरने लगे। उसने अपने शरीर पर नज़र दौड़ाई, ओह! मैं तो नीले रंग का हो गया। उसने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाये और समय का फायदा उठाते हुए अचानक तेज चिल्लाया अरे जानवरो कहाँ जा रहे हो, डरो मत मुझे स्वयं ब्रहमा ने अपने हाथों से बना कर भेजा है। क्योकि वो चाहते है कि मैं तुम लोगो का राजा बनू और रक्षा करूँ, तीनों लोक में मेरा ही राज है। बेचारे जानवर उसकी बातों में आ गए और डर कर कहने लगे –  हे महाराज! आप तो बस आज्ञा दे आप क्या चाहते है।

सियार नें राजा कि तरह संबोधित करते हुए हर जानवर को अलग-अलग ज़िम्मेदारी सोंप दी लेकिन सियारो को कोई काम नहीं दिया, उसे डर था कि वो उसकी असलियत जान जाएगे इसलिए उन सब को दूर भागा दिया और इस तरह वह आराम से रहने लगा।

एक शाम सियार का समुह गाँव के पास से गुजर रहा था, अपनी मस्त आवाज़ में हु-हु करता हुआ जा रहा था। उनकी आवाज़ सुनते ही नीला सियार अपनी मस्ती में झूमकर उन्ही कि तरह बोलने लगा। जैसे ही जानवरों ने उसको आवाज़ सुनी उनको सारा माजरा समझ आ गया। परंतु उनहोंने तुरंत ना जताकर आराम से उसके पास गये और उसे चारों तरफ से धेर कर मार दिया।

शिक्षा- जो लोग आपनो के साथ धोखा करते है उनका अंत बहुत बुरा होता है।

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