Amit Kumar Das Success Story in Hindi

Amit Kumar Das Success Story

Name – Amit Kumar Das
Company and Group – ISOFT Group, IST Group and Innotech Group headquartered in Sydney Australia
Born – Born in 1979, he belongs to Mirdaul village in Forbesganj, Bihar
Current Status – Amit Kumar Das is a multi-millionaire NRI Entrepreneur
Private College opened in Bihar – Moti Babu Institute of Technology, Forbesganj 
Amit Kumar Das एक नॉन रेजिडेंट इंडियन है जो बिहार से वास्ता रखते हैं उन्होंने 120 करोड़ का इंजीनियरिंग कॉलेज बनवाकर अपने राज्य को  तोहफा दिया है|
Amit Kumar Das success storyअमित कुमार दास  मोती बाबू  इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी  आराध्या के मृदुल गांव में अपने पिता के नाम पर बनवाया है|  इंस्टीट्यूट का उद्घाटन 22 जूलाई को होगा| अमित कुमार दास अब ऑस्ट्रेलिया में सेटल है|  
 
जब वह बिहार में अपना गांव छोड़कर चले थे तब उनके पास सिर्फ 250 रुपए थे|  अमित कुमार दास जो एक गरीब किसान के बेटे है उन्होंने अपने राज्य को एक अनमोल तोहफा दिया है |
MBIT - An International Engineering College Amit Kumar Das success story

MBIT – An International Engineering College

वह कहते हैं  की यह मेरी दिली इच्छा थी कि मैं अपने गृह राज्य को एजुकेशन फील्ड में कुछ ऐसा दे सकूं जिससे हजारों गरीब बच्चों का इंजीनियर बनने का सपना सच हो| यह इंस्टिट्यूट पटना से 300 किलोमीटर दूर स्थित है|  यह सरकारी आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड है|  यहां चार साल का बीटा कोर्स चलाया जाएगा जिसमें पांच  धारा में 60 बच्चे लिए जाएंगे |  

 

आज कहाँ है – 
 
अमित कुमार दास सिडनी, ऑस्ट्रेलिया मे मल्टीनेशनल कंपनी आई सॉफ्ट के चेयरमैन है| इनकी दो और बड़ी कंपनियां है जिनका सालाना टर्न ओवर डेढ़ सौ करोड़ है | 
 
कॉलेज क्यों खोला है –
 
वह इंजीनियर बनने का अपना सपना पूरा नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें पैसे की दिक्कत थी|  इसलिए वह चाहते हैं कि उनके गांव का हर बच्चा पढ़ने में सक्षम हो| 
 
यहाँ तक कैसे पहुंचे –
 
अमित कुमार दास को सफलता रातोरात नहीं मिली| अपने परिवार की आर्थिक रुप से मदद करना चाहते थे | पर वे ऐसा नहीं कर पा रहे थे|  एक दिन वह  250 रुपए लेकर दिल्ली के लिए निकल गए|
 
वह कहते हैं जब मैं दिल्ली पहुंचा तो किसी ने कहा कि कंप्यूटर कोर्स कर लो जिससे तुम्हें नौकरी मिलने में आसानी हो|  वह आगे बताते हैं की वह एक बड़े कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में गए जहां पर रिसेप्शनिस्ट ने उससे पूछा कि वह कब आए| पर सवाल अंग्रेजी में होने के कारण वह समझ नहीं पाए| रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें सलाह दी कि वह पहले इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स कर ले |  
अमित कुमार दास ने पहले तीन महीने का इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स किया एवं उसके साथ छह महीने का कंप्यूटर कोर्स ज्वाइन कर लिया | बाद मे उसी इंस्टिट्यूट मे उन्होंने कंप्यूटर टीचर के रूप मे पढ़ाना शुरू कर दिया | 
 

कुछ दिनों के बाद ’10 x 10′ के कमरे मे खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी सेटअप की एवं कुछ छोटे छोटे सॉफ्टवेयर बनाना शुरू कर दिया | धीरे धीरे कंपनी का विस्तार किया एवं आज इस मुकाम पर पहुंचे |  

Amit Kumar Das success story

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